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जय का कोई विकल्प नहीं


Dedicated to Naincy.. 

यह हार तो नहीं प्रिये
बिगुल है उस चुनौती का |
समक्ष ही खड़ी है जो
उसे तुम यूँ स्वीकार लो |

भय तो तेरा स्वभाव नहीं
यह स्वभाव है बस हार का;
पराजय तब तक होती नहीं,
स्वीकार जब तक हो नहीं |

विजय को तेरी आस है
मिलेगी जब तक प्यास है,
प्यास को न बुझा इस आग में
बढ़ा ले अब इस ताप में |

जीवन है, विजयगीत नहीं
इस बात को भी गाठ लो |
फिर लक्ष्य क्या और जीत क्या ?
हार क्या वो बात क्या ?

हौसलों को ऊंचा रखना है,
आसमा को भी दिखाना है ;
इरादे हो तो बस और क्या
चुनौती भी सर झुकाती है,
जय का कोई विकल्प नहीं
यही तो हार हमे सिखाती है|

-   प्रिया सिंह 

Comments

Ameya said…
Who's this Naincy ?? SO much inspiration ... so much passion .... amazing :) :)
Priya Singh said…
Naincy is my bestfriend.... she ws feelin lil low due to jee results... so to cheeer her up for her next exam i wrote dys
Anonymous said…
luv u sooo much yr...u r d most precious one 4 me
Anonymous said…
convert to English....
Anonymous said…
जय का कोई विकल्प नहीं,
यही तो हार हमे सिखाती है |

I really don't have words to appreciate your thaughts.